Thursday, November 29, 2018

बाहुबली राजा भैया आज लखनऊ में दिखाएंगे अपनी सियासी ताकत

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया शुक्रवार को राजधानी के रमाबाई मैदान में रैली करेंगे. इस रैली के जरिए राजा भैया अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराएंगे.

विधायक के समर्थकों ने इस रैली को 'राजा भैया रजत जयंती अभिनंदन समारोह' का नाम दिया है. माना जा रहा इस कार्यक्रम में राजा भैया अपनी प्रस्तावित नई पार्टी के नाम और एजेंडे की घोषणा कर सकते हैं.

राजा भैया की इस रैली में दावा किया गया है कि तीन से चार लाख लोग रमाबाई मैदान में जुटेंगे. समर्थकों को रैली में लाने के लिए बाकायदा एक ट्रेन भी बुक कराई गई है.

राजा भैया के गृह जिले प्रतापगढ़ के लिए अलावा प्रदेश के कई जिलों से लोग आ रहे हैं. इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों के नेताओं को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है.

 राजा भैया का सियासी सफर

बता दें कि रघुराज प्रताप सिंह ने 26 साल की उम्र में 1993 में पहली बार कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी. इसके बाद से वे लगातार इसी सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल करते आ रहे हैं. कुंडा विधानसभा सीट से वो लगातार छठी बार विधायक हैं.

30 नवंबर को उनके राजनीतिक जीवन के 25 साल पूरे  हो रहे हैं. इस तरह से 30 नवंबर को ही राजा भैया के राजनैतिक जीवन की रजत जयंती भी है. इसीलिए  लखनऊ में एक बड़ा समारोह किया जा रहा है.

पंजाब के पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय मार्ग पर चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने यहां के नंगलपुर गांव से इन लोगों को गिरफ्तार किया है. ये चारों हिमाचल प्रदेश के नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार थे. पुलिस जिस दौरान नाकेबंदी पर चैकिंग कर रही थी, तभी उन्हें हिरासत में लिया गया है. बताया जा रहा है कि चारों संदिग्ध फौजी वर्दी में थे.

पुलिस अभी भी इनसे पूछताछ कर रही है. आपको बता दें कि बीते दिनों अमृतसर के एक गांव में ग्रेनेड धमाका होने के बाद पुलिस ने राज्य में चौकसी बढ़ा दी है.

इससे पहले भी राज्य से कई घटनाएं ऐसी सामने आ चुकी हैं, जहां कश्मीर या अन्य राज्यों से गाड़ी लेकर संदिग्ध लोग पंजाब की ओर घुस आए हैं. अभी 14 नवंबर को भी जम्मू-पंजाब बॉर्डर पर इनोवा में 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था. ये लोग जम्मू से इनोवा छीन कर भागे थे.

गौरतलब है कि 2016 के शुरुआत में पठानकोट में ही आतंकी हमला किया गया था. तब पाकिस्तान से आए आतंकियों ने पठानकोट के एयरबेस में हमला किया था, जहां 7 जवान शहीद हुए थे.

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